उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योगों के साथ प्रभावी साझेदारी विकसित करने के उद्देश्य से मुंबई में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर कौशल विकास, रोजगार सृजन और सरकार तथा उद्योगों के सहयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने स्वागत संबोधन दिया। इसके बाद प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने इस पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार करने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है।
उद्योग जगत की ओर से वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और कहा कि बदलते समय में युवाओं को आधुनिक कौशल से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के कौशल उन्नयन और बेहतर रोजगार अवसरों के लिए सहयोगात्मक साझेदारी विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा में रोजगार, प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था पर विचार साझा किए गए।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने और राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारियां युवाओं को उपयोगी कौशल प्रदान करने और उन्हें उभरते अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम के दौरान श्रम एवं सेवायोजन विभाग और एक निजी मनोरंजन सेवा कंपनी के बीच गैर वित्तीय समझौता हुआ। इस समझौते के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लगभग एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं को डिजिटल सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्षता प्राप्त कर सकें।
इस पहल के अंतर्गत आधुनिक तकनीकी कौशल के साथ साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आंकड़ा विश्लेषण और स्वचालन जैसे उभरते क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर तैयार होंगे और वे देश की बदलती आर्थिक व्यवस्था में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
