मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चलाया गया ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान अभूतपूर्व उपलब्धियों के साथ सम्पन्न हो गया है।
45 दिनों तक चले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेशभर में कुल 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,33,452 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष भागीदारी कर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लिया। इस अवधि में 51,053 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 33,755 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
अभियान के तहत विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए 74,184 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त करीब तीन लाख लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। अकेले शुक्रवार को 11 शिविरों में 8,209 नागरिकों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को बिना सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए सेवाएं उपलब्ध कराना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही यह विशेष अभियान समाप्त हो गया हो, लेकिन प्रशासन आगे भी जनता के संपर्क में रहकर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सक्रिय रूप से आगे बढ़कर जनसमस्याओं का निराकरण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
