वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि अत्यधिक धूप में रहने से त्वचा कोशिकाओं के भीतर एक छिपा हुआ स्विच सक्रिय हो जाता है, जो सूजन (इंफ्लेमेशन) को अनियंत्रित तरीके से बढ़ाता है और त्वचा कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। यह स्विच एक महत्वपूर्ण प्रोटीन YTHDF2 के टूटने से जुड़ा है, जो सामान्य परिस्थितियों में त्वचा कोशिकाओं को खतरनाक सूजन से बचाने का काम करता है।
हाल ही में प्रकाशित नेचर कम्युनिकेशंस की एक अध्ययन में शिकागो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दिखाया कि कैसे लंबे समय तक UV किरणों के संपर्क में रहने से यह सुरक्षा तंत्र कमजोर हो जाता है और साधारण सनबर्न भी कैंसर बनने की दिशा में बढ़ सकता है। धूप शरीर में विटामिन D बनाने में मदद करती है, लेकिन अत्यधिक धूप त्वचा की कोशिकाओं के भीतर खतरनाक प्रतिक्रियाओं की श्रृंखला शुरू कर देती है।
UV किरणें, सूजन और बढ़ते स्किन कैंसर मामले
हर वर्ष अमेरिका में लगभग 5.4 मिलियन लोग स्किन कैंसर से पीड़ित होते हैं, जिनमें से 90% मामले UV किरणों से जुड़े होते हैं।
UV किरणें त्वचा की DNA संरचना को नुकसान पहुँचाती हैं, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती हैं और सूजन को ट्रिगर करती हैं, जिससे सनबर्न, लालिमा और दर्द होता है।
शोध की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. यू-यिंग हे, प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने कहा:
“हम यह समझना चाहते हैं कि UV से होने वाली सूजन कैसे त्वचा कैंसर के विकास में योगदान देती है।”
YTHDF2 — त्वचा को सुरक्षित रखने वाला ‘गेटकीपर’
टीम ने पाया कि UV एक्सपोजर के बाद कोशिकाओं में YTHDF2 प्रोटीन की मात्रा बेहद कम हो जाती है। यह प्रोटीन m6A-मॉडिफाइड RNA को पहचानने वाला “रीडर” है।
जब वैज्ञानिकों ने प्रयोग में YTHDF2 को हटा दिया, तो UV से होने वाली सूजन कई गुना ज्यादा बढ़ गई।
डॉ. हे ने बताया:
“YTHDF2 सूजन को नियंत्रित रखने वाले pathways को शांत रखने में बहुत अहम भूमिका निभाता है।”
नॉन-कोडिंग RNA और TLR3 — सूजन बढ़ाने वाली नई कड़ी
RNA सामान्य रूप से जीन के निर्देशों को प्रोटीन में बदलने का काम करता है, लेकिन नॉन-कोडिंग RNA प्रोटीन नहीं बनाते, बल्कि कोशिका के भीतर अन्य प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
टीम ने खोजा कि:
- UV तनाव बढ़ने पर U6 नामक एक नॉन-कोडिंग RNA कोशिकाओं में जमा होने लगता है।
- यह RNA इम्यून सेंसर TLR3 से जुड़कर खतरनाक सूजन प्रतिक्रियाएं शुरू करता है।
- सामान्य स्थितियों में YTHDF2 इस प्रक्रिया को रोकता है।
सबसे अनोखी खोज यह रही कि यह प्रक्रिया एंडोसोम नामक संरचना में होती है, जहाँ U6 RNA सामान्य रूप से नहीं पाया जाता।
YTHDF2 और SDT2: सूजन रोकने वाली ‘सर्विलांस टीम’
शोधकर्ताओं ने पाया:
- SDT2 प्रोटीन U6 RNA को एंडोसोम तक पहुँचाता है।
- YTHDF2 भी उसके साथ जाकर यह सुनिश्चित करता है कि U6 TLR3 को सक्रिय न करे।
जब UV के कारण YTHDF2 टूट जाता है, तब U6 बिना रोक-टोक TLR3 को सक्रिय कर देता है और सूजन खतरनाक स्तर तक बढ़ जाती है।
डॉ. हे के अनुसार:
“यह एक नया जैविक सर्विलांस सिस्टम है, जो शरीर को अत्यधिक सूजन और ऊतक क्षति से बचाता है।”
भविष्य की चिकित्सा — नई दवाओं की संभावना
इस अध्ययन से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि:
- RNA-प्रोटीन इंटरैक्शन को लक्षित कर
- UV-प्रेरित सूजन और त्वचा कैंसर को रोका जा सकता है।
यह भविष्य में skin cancer prevention के नए रास्ते खोल सकता है।
Credits:
मूल वैज्ञानिक अध्ययन — University of Chicago
जर्नल — Nature Communications
अध्ययन का शीर्षक — “YTHDF2 regulates self non-coding RNA metabolism to control inflammation and tumorigenesis”
Disclaimer:
यह लेख वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और जागरूकता उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
