प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज आगरा में कहा कि विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत गांवों को ए, बी और सी तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के साथ जी-रामजी अधिनियम को जोड़ा गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, संपर्क और विकास को नई गति मिलेगी।
वहीं, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अयोध्या में कहा कि विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के अंतर्गत केवल मिट्टी से जुड़े कार्य कराए जाते थे, लेकिन अब इसके दायरे का विस्तार कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। विकसित भारत जी-रामजी अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
