केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संसद ने विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी Viksit Bharat – G RAM G Bill को वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पारित किया है। यह विधेयक पुराने मनरेगा (MGNREGA) योजना की कमियों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। वे आज भोपाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
विपक्ष द्वारा योजना का नाम बदलने को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री चौहान ने कहा कि जब विपक्षी दल सत्ता में थे, तब भी रोजगार से जुड़ी कई योजनाओं के नाम बदले गए थे। इसलिए केवल नाम परिवर्तन को लेकर राजनीति करना उचित नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) को प्रधानमंत्री की गति शक्ति योजना से जोड़ा गया है, ताकि इसका क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी हो सके। उन्होंने कहा कि इस मिशन में बेरोजगारी भत्ता देने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है और इसके लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था भी कानून में सुनिश्चित की गई है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए श्री चौहान ने कहा कि लोकसभा में इस विधेयक पर आठ घंटे से अधिक समय तक विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने उनकी बातों को सुनने के बजाय केवल हंगामा किया। उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान संसद की गरिमा को गंभीर रूप से ठेस पहुंची और लोकसभा में विपक्ष के नेता भी बहस के समय अनुपस्थित रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य विधानसभा में इस अधिनियम के खिलाफ लाया जा रहा प्रस्ताव देश की संघीय व्यवस्था के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदम राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न करते हैं।
