भारत सरकार के भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के अंतर्गत संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बिहार के पूर्णिया जिले में बड़ी संख्या में किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं। सुरक्षित अनाज भंडारण की सुविधा, सस्ती दरों पर कृषि ऋण की उपलब्धता और कृषि उत्पादों का उचित मूल्य मिलने से किसानों के जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिले में तेजी से वेयरहाउस का निर्माण भी किया जा रहा है।
इस योजना के लागू होने के बाद किसानों को अब अपने मक्का और अन्य कृषि उत्पादों को कम कीमत पर बिचौलियों को बेचने की मजबूरी नहीं रही है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा WDRA योजना के तहत किसानों को पंजीकृत वेयरहाउस में अपने अनाज को सुरक्षित रूप से रखने की सुविधा दी जा रही है। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसान वेयरहाउस में रखे गए अनाज के मूल्य का लगभग 75 प्रतिशत तक ऋण सरकारी बैंकों से प्राप्त कर सकते हैं।
इस ऋण की ब्याज दर लगभग 8.30 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो किसानों के लिए काफी लाभकारी मानी जा रही है। इससे किसानों को जरूरत के समय तुरंत धनराशि उपलब्ध हो जाती है। वहीं वेयरहाउस में अनाज को लगभग एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे किसानों को बाजार में सही समय और सही कीमत मिलने का इंतजार करने का अवसर मिलता है।
किसानों का कहना है कि पहले जब वे मक्का बेचने बाजार जाते थे, तो गुणवत्ता खराब बताकर कम कीमत दे दी जाती थी। इसके अलावा ‘धर्ता’ के नाम पर कटौती भी की जाती थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन अब वेयरहाउस सुविधा मिलने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने लगा है।
इसी दिशा में किसानों को जागरूक करने के लिए भवानीपुर में ‘खेत बंधु कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, WDRA के अधिकारी और वेयरहाउस संचालक शामिल हुए। कार्यक्रम में किसानों को योजना की जानकारी दी गई और उन्हें बताया गया कि वे इस सुविधा का लाभ कैसे उठा सकते हैं।
वेयरहाउस संचालक सचिन भगत ने कहा कि इस योजना से किसानों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। अब किसानों को अपने क्षेत्र में ही फसल उत्पादों को सुरक्षित रखने की सुविधा मिल रही है। इससे परिवहन लागत कम होगी और फसल की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।
विभिन्न बैंक प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि जैसे ही किसानों के उत्पाद वेयरहाउस में जमा होंगे, उसकी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो जाएगी। इसके आधार पर संबंधित बैंक किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराएंगे। इससे किसानों को आर्थिक संकट की स्थिति में राहत मिलेगी और वे अपनी खेती को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे।
कृषि विभाग, भारत सरकार द्वारा बैंक, वेयरहाउस और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल से किसानों को न केवल अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि बिचौलियों से मुक्ति और कृषि उत्पादों का सुरक्षित संरक्षण भी सुनिश्चित हो रहा है। परिणामस्वरूप किसानों की आय में वृद्धि हो रही है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
