पश्चिम एशिया में संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां ईरान और इज़राइल-अमेरिका की संयुक्त सेनाओं के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का नया दौर शुरू हो गया है। क्षेत्र में लगातार सैन्य कार्रवाई, ऊर्जा ठिकानों पर हमले और जवाबी हमलों ने वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों को गंभीर संकट में डाल दिया है।
ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया समूहों ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखा है। संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी परिसंपत्तियों पर हमले तेज हुए हैं। यह घटनाक्रम ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष अधिकारियों की मौत के बाद और अधिक उग्र हो गया है। इसके जवाब में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर भारी हवाई हमले किए।
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र के अनुसार मस्कट गवर्नरेट के तट से लगभग 52 समुद्री मील दूर एक तेल टैंकर पर विस्फोटक से भरी नाव द्वारा हमला किया गया। इस हमले में इंजन रूम में आग और विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम एक चालक दल सदस्य की मौत हो गई।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश के ऊर्जा से जुड़े दो ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसी बीच कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी वायुसेना के तीन F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान “फ्रेंडली फायर” की घटना में गलती से कुवैती एयर डिफेंस द्वारा मार गिराए गए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार सभी छह एयरक्रू सुरक्षित बचा लिए गए।
तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने स्पष्ट कहा कि ईरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसे आक्रामक कार्रवाई करार दिया और कहा कि ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया आत्मरक्षा है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुवैत में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान के नौ युद्धपोत डुबो दिए गए और नौसेना मुख्यालय को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी सेना ने बताया कि B-2 स्टेल्थ बॉम्बर्स ने दो हजार पाउंड बमों से ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं को निशाना बनाया।
इज़राइली वायुसेना ने भी ईरान से इज़राइल की ओर मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की। सऊदी अरब ने बताया कि रास तनुरा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाकर भेजे गए ड्रोन को मार गिराया गया, हालांकि सुरक्षा कारणों से रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी एजेंसी में राजदूत रेजा नजाफी ने कहा कि नतांज स्थित परमाणु केंद्र को अमेरिका और इज़राइल के सैन्य अभियानों में निशाना बनाया गया। इसी दौरान इराक के कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल में भी कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन ने ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के जवाब में इज़राइल पर मिसाइल हमले करने का दावा किया, जिसके बाद इज़राइल ने बेरूत पर जवाबी हमला किया। इन हमलों में 31 लोगों की मौत हो गई। इज़राइल सरकार ने गाजा सीमा पार मानवीय सहायता मार्गों को भी अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है।
साइप्रस ने बताया कि ब्रिटिश सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमले से सीमित नुकसान हुआ है। बढ़ते संघर्ष के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी पक्षों से नागरिकों और स्वास्थ्य सुविधाओं को निशाना न बनाने की अपील की है। जॉर्डन ने सुरक्षा कारणों से अपने हवाई क्षेत्र को रोजाना निर्धारित समय के लिए बंद करने की घोषणा की है।
ईरान के राष्ट्रपति ने इज़राइल-अमेरिका हमलों में रक्षा मंत्री की मौत के बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जनरल माजिद एबनेलरेजा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। वहीं रूस ने मध्य पूर्व में तत्काल युद्धविराम की अपील करते हुए नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा की है।
ऊर्जा बाजार पर भी इस संघर्ष का बड़ा असर पड़ा है। कतर एनर्जी ने ड्रोन हमलों के बाद रास लाफान और मेसईद औद्योगिक क्षेत्रों में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसके बाद यूरोप में गैस की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका और बढ़ गई है।
