योगी सरकार ने प्रदेशवासियों की गाढ़ी कमाई को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में साइबर कमांडो की तैनाती की गई है। इसके साथ ही आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपनी ‘पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों से साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। साइबर अपराधी इसी तरह के भ्रामक शब्दों का प्रयोग कर लोगों को डराते-धमकाते हैं और उनसे धन की ठगी करते हैं। मुख्यमंत्री का यह संदेश मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर एक विशेष जागरूकता लघु फिल्म भी जारी की है। यह फिल्म आम नागरिकों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से सतर्क करती है और भयमुक्त होकर सही कदम उठाने का संदेश देती है। बीते चार दिनों में इस लघु फिल्म को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 17 लाख 30 हजार से अधिक लोगों ने देखा और सराहा है।
सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार: मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में लिखा कि मोबाइल और कंप्यूटर ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने थे, जबकि आज प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने और साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हैं। साइबर ठगों के विरुद्ध सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा शस्त्र है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। उन्होंने सोशल मीडिया के उपयोग में भी सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन सार्वजनिक करने से अपराधियों को आपके बारे में जानकारी मिल जाती है, जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है। व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत करें शिकायत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सावधानी बरतने के बावजूद कोई साइबर अपराध होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी पुलिस को सूचना दी जाएगी, उतनी ही अधिक धन बचने की संभावना होगी। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया और सभी से मिलकर एक सुरक्षित एवं साइबर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने की अपील की।
डिजिटल अरेस्ट पर बनी लघु फिल्म को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
योगी सरकार के निर्देश पर यूपी पुलिस द्वारा जारी डिजिटल अरेस्ट पर आधारित लघु फिल्म में प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर ने अभिनय किया है। इस फिल्म को मात्र चार दिनों में यूट्यूब पर 10 लाख 42 हजार से अधिक बार देखा गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे लगभग 1 लाख 26 हजार, इंस्टाग्राम पर 42 हजार और फेसबुक पर 20 हजार से अधिक व्यूज मिले हैं। इसके अलावा व्हाट्सएप चैनल और डिजिटल वॉलंटियर ग्रुप्स के माध्यम से भी यह संदेश लगभग 5 लाख लोगों तक पहुंचा है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि साइबर सुरक्षा आज आमजन के लिए कितना महत्वपूर्ण विषय बन चुका है और योगी सरकार इसे लेकर कितनी संवेदनशील है।
