उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के दो दिवसीय जापान दौरे के दौरान प्रदेश सरकार ने जापान की विभिन्न कंपनियों के साथ 90 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जापान में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी नीतियों, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचे के कारण निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच हुई यह साझेदारी प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जापान के यामानाशी प्रांत स्थित अत्याधुनिक हाइड्रोजन ऊर्जा संयंत्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्रों को जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक को उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू कर उद्योग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सकेगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इसके अलावा, यामानाशी में आयोजित ‘यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो’ में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नई विकास नीति और निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के समक्ष प्रमुखता से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शासन की कार्यशैली को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव बनाया है और यही परिवर्तन आज प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का आधार है।
