भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास संस्थान सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने देश के संचार नेटवर्क को साइबर खतरों से सुरक्षित करने के लिए 14 स्वदेशी क्वांटम-सुरक्षित उत्पादों (Indigenous Quantum Products) की शृंखला का अनावरण किया है।
यह पहल भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत क्वांटम युग में एक मजबूत और सुरक्षित दूरसंचार अवसंरचना प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
मुख्य उत्पाद और उनकी विशेषताएं
C-DOT द्वारा विकसित ये उत्पाद मुख्य रूप से क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (PQC) तकनीकों पर आधारित हैं:
- रक्षा और सामरिक सुरक्षा (Q-VIKRAM & Q-PARAKRAM):
- ये रक्षा-ग्रेड (Defence-Grade) क्वांटम-सुरक्षित एन्क्रिप्टर्स हैं, जो सैन्य और सामरिक डेटा संचार को भविष्य के क्वांटम साइबर हमलों से पूरी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- हाई-स्पीड ऑप्टिकल नेटवर्क (Q-AMOGH & Q-MAHASETU):
- Q-AMOGH: यह 200 Gbps की उच्च क्षमता वाला ऑप्टिकल एन्क्रिप्टर है, जो बड़े डेटा सेंटर और हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को सुरक्षित बनाता है।
- Q-MAHASETU: यह एंटरप्राइज और वाणिज्यिक नेटवर्क के लिए 40 Gbps तक का सुरक्षित एन्क्रिप्शन समर्थन देता है।
- सुरक्षित एंड-पॉइंट उपकरण (Q-DARSHAN & Q-VACHAN):
- Q-DARSHAN: एक क्वांटम-सुरक्षित वीडियो आईपी फोन है।
- Q-VACHAN: एक इन-लाइन डिवाइस है जो मौजूदा आईपी फोन में क्वांटम-प्रतिरोधी सुरक्षा जोड़ता है।
- क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (Q-AKSHAY):
- फाइबर आधारित यह प्रणाली एन्क्रिप्शन कुंजियों (Encryption Keys) के सुरक्षित जनरेशन और वितरण के लिए क्वांटम मैकेनिक्स के नियमों का उपयोग करती है, जिससे डेटा हैकिंग लगभग असंभव हो जाती है।
भविष्य के साइबर हमलों से सुरक्षा
परंपरागत सुपरकंप्यूटरों की तुलना में क्वांटम कंप्यूटर बेहद जटिल गणितीय एन्क्रिप्शन को कुछ ही मिनटों में तोड़ सकते हैं। C-DOT द्वारा विकसित ये उत्पाद दूरसंचार नेटवर्क, बैंकिंग, रक्षा, और राष्ट्रीय डेटा बुनियादी ढांचे को इस तरह के भविष्य के साइबर खतरों (Cyber Threats) से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं।
