ग्लोबल मार्केट से मिले निराशाजनक संकेतों और मध्य पूर्व में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के कारण 2 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसके चलते लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बाजार लाल निशान आ गया ।
प्रमुख सूचकांकों का हाल
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 373.93 अंक (0.49%) की गिरावट के साथ 76,570.35 के स्तर पर आ गया । वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 141.35 अंक (0.59%) टूटकर 23,914.45 के स्तर पर आ गया। कारोबारी सत्र के दौरान एक समय सेंसेक्स intraday low 76,135 तक चला गया था।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
- अमेरिका-ईरान संघर्ष और कच्चे तेल में उछाल: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें 5% से अधिक उछलकर लगभग $95 – $96 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) की चिंताओं को बढ़ाता है।
- वैश्विक बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स: अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.8% के पार पहुंचने और मजबूत होते यूएस डॉलर इंडेक्स ने उभरते बाजारों से विदेशी निवेशकों का रुझान कम किया।
- फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका: अमेरिकी अर्थव्यवस्था के नए आंकड़ों के बाद बाजार में यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन और टॉप गेनर्स-लूजर्स
ऑटो सेक्टर में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जहां निफ्टी ऑटो इंडेक्स में करीब 3% तक की कमजोरी दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, रियल्टी, एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा।
- सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर (Top Losers): एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, विप्रो, बजाज ऑटो, ईशर मोटर्स और एचडीएफसी बैंक प्रमुख गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
- बढ़त बनाने वाले शेयर (Top Gainers): बाजार में चौतरफा बिकवाली के बावजूद एनटीपीसी, अदानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, अदानी एंटरप्राइजेज और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जियोपॉलिटिकल तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक घरेलू बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
