केंद्र सरकार ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, बिग चेन रिटेलर्स और प्रोसेसर्स को अपने चावल और धान के स्टॉक की घोषणा करने का सख्त निर्देश दिया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, चावल और धान का भंडारण करने वाली सभी संस्थाओं को हर शुक्रवार को फूड स्टॉक पोर्टल पर अपनी स्टॉक स्थिति का विवरण दर्ज कराना होगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्था पोर्टल पर पंजीकृत नहीं पाई जाती है या निर्धारित स्टॉक सीमाओं का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार खाद्य पदार्थों, विशेषकर चावल की कीमतों पर कड़ी नजर रख रही है ताकि घरेलू आपूर्ति पर्याप्त बनी रहे, कीमतें स्थिर रहें और जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।
दक्षिणी राज्यों के लिए विशेष स्टॉक सीमाएं
उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना की राज्य सरकारों को धान और चावल पर स्टॉक सीमा लागू करने की सहमति दे दी है। यह स्टॉक सीमा 31 जनवरी, 2027 तक प्रभावी रहेगी।
ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) का लक्ष्य दोगुना
बाजार में चावल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत ई-ऑक्शन (e-auction) के माध्यम से बेचे जाने वाले चावल के लक्षित परिमाण को दोगुना कर दिया है। इसे 25 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।
