जून महीने में संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होने वाले फीफा विश्व कप को लेकर हाल ही में एक अजीबोगरीब प्रस्ताव चर्चा का विषय बना हुआ था, जिसमें यह सुझाव दिया गया था कि यदि ईरान की फुटबॉल टीम टूर्नामेंट से हटती है, तो इटली उनकी जगह ले सकता है। हालांकि, इटली के खेल प्रशासन ने इस सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे पूरी तरह से ‘अतार्किक’ और ‘अनुचित’ बताया है।
इटली का कड़ा रुख: खेल की गरिमा सर्वोपरि इटली के खेल मंत्री आंद्रे अबोदी ने इस प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह का कोई भी बदलाव न तो संभव है और न ही खेल की गरिमा के अनुकूल है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय खेल टूर्नामेंटों में किसी देश को केवल इसलिए शामिल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि कोई अन्य टीम हट रही है। इसके साथ ही, इटली ओलंपिक समिति के अध्यक्ष लुसियानो बुओनफिग्लियो ने अपनी बात रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि विश्व कप में भागीदारी केवल मैदान पर ‘योग्यता’ (merit) के आधार पर ही अर्जित की जानी चाहिए। उनका स्पष्ट कहना था कि किसी टीम की जगह लेने का विचार ही खेल भावना के विरुद्ध है।
प्रस्ताव और वर्तमान स्थिति खबरों के अनुसार, यह प्रस्ताव अमेरिकी दूत पाओलो ज़म्पोली द्वारा रखा गया था। इसे एक ‘आकस्मिक योजना’ (contingency plan) के रूप में पेश किया गया था, जिसे केवल तभी लागू करने का सुझाव था यदि ईरान टूर्नामेंट से बाहर हो जाता है। हालांकि, फीफा ने अपनी स्थिति को लेकर किसी भी प्रकार की अनिश्चितता को दूर कर दिया है। फीफा का स्पष्ट रुख है कि ईरान के मैच तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। ईरान ने भी आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है कि वे टूर्नामेंट में पूरी भागीदारी के साथ शामिल होंगे।
अमेरिकी रुख और भविष्य की रूपरेखा इस पूरे घटनाक्रम के बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी स्थिति को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि ईरानी खिलाड़ियों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और वे टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि टीम के साथ आने वाले सहयोगी कर्मियों (personnel) को लेकर अभी भी कुछ सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, इटली द्वारा इस प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद फीफा विश्व कप में ईरान की भागीदारी को लेकर बना संशय पूरी तरह खत्म हो गया है। जून में शुरू होने वाले इस वैश्विक टूर्नामेंट के लिए अब सारी निगाहें खेल पर टिकी हैं, जहां सभी टीमें अपने पिछले प्रदर्शन और योग्यता के दम पर मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
