आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI), पुणे के एथलीटों ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 पदकों पर कब्जा जमाया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एशियाई खेलों में भारतीय सेना के एथलीटों द्वारा जीते गए कुल 20 पदकों में से 60 प्रतिशत पदक अकेले ASI पुणे के खिलाड़ियों ने हासिल किए हैं। इस प्रतियोगिता में भारतीय दल के हिस्से के रूप में ASI के कुल 25 एथलीटों ने भाग लिया था।
एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन पदक जीते, जिनमें 1,500 मीटर और 10,000 मीटर में रजत (सिल्वर) तथा 5,000 मीटर स्पर्धा में कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक शामिल है। इसके अलावा सावन बारवाल ने मैराथन में रजत और सर्वेश कुशारे ने हाई जंप (ऊंची कूद) में रजत पदक अपने नाम किया, जबकि धर्मवीर कांस्य पदक जीतने वाली 4×400 मीटर रिले टीम के सदस्य रहे।
बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) स्पर्धा में नायब सूबेदार अंकुश ने स्वर्ण (गोल्ड) पदक जीता, वहीं नायब सूबेदार नरेंद्र और हवलदार कपिल ने कांस्य पदक प्राप्त किए। तीरंदाजी में नायब सूबेदार धीरज ने दो रजत पदक हासिल किए और 720 में से 698 अंक का उत्कृष्ट स्कोर बनाकर नया एशियाई रिकॉर्ड कायम किया। कुश्ती में नायब सूबेदार दीपक पूनिया ने 97 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता।
खिलाड़ियों की यह शानदार सफलता भारतीय सेना के ‘मिशन ओलंपिक्स’ कार्यक्रम के तहत एथलीट विकास, विशेषज्ञ कोचिंग, खेल विज्ञान और आधुनिक बुनियादी ढांचे के प्रति आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
