सुप्रीम कोर्ट ने ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। ये शुल्क अगले महीने की 15 तारीख से प्रभावी होने जा रहे हैं।
₹2,000 से अधिक के UPI भुगतानों पर MDR लागू करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि यह मुद्दा कानूनी से ज्यादा तकनीकी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य उत्तरदाताओं को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब (काउंटर-एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
