जमुई जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे झाझा प्रखंड के बाराजोर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जागरूकता अभियान के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मिशन शक्ति की उपयोजना नारी अदालत के सफल संचालन को लेकर आम सभा भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ और छात्र–छात्राएँ शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी श्री नवीन ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सोच और मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बिहार की आधी आबादी महिलाओं की है, ऐसे में बेटियों को शिक्षित कर उनकी भागीदारी, अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना समय की मांग है।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने घर की बेटियों को अवश्य पढ़ाएँ, बेटा–बेटी के बीच किसी प्रकार का भेदभाव न करें और बेटियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियाँ ही सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र की नींव रखती हैं।
कार्यक्रम में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और परिचर्चा का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को महिला सशक्तिकरण, बेटियों के अधिकारों और लैंगिक समानता के महत्व के बारे में प्रेरित और जागरूक किया गया।
