केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज-5 (ए) परियोजना के तहत तीन नई मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल लगभग 12,015 करोड़ रुपये की लागत आएगी। स्वीकृत कॉरिडोर हैं— आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एयरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल-1, और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज।
कैबिनेट बैठक के बाद नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस विस्तार के साथ ही दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के अंतर्गत 13 नए मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि आर.के. आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ खंड, बॉटनिकल गार्डन–आर.के. आश्रम मार्ग कॉरिडोर का विस्तार होगा। इससे पुनर्विकासाधीन सेंट्रल विस्टा क्षेत्र को मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से कर्तव्य भवनों तक सीधी मेट्रो पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे प्रतिदिन लगभग 60 हजार कार्यालय कर्मियों और दो लाख आगंतुकों को लाभ मिलेगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मेट्रो सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। एयरोसिटी–एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज खंड, एयरोसिटी–तुगलकाबाद कॉरिडोर का विस्तार होंगे। इससे तुगलकाबाद, साकेत और कालिंदी कुंज जैसे दक्षिणी दिल्ली के क्षेत्रों से घरेलू हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इन विस्तार परियोजनाओं से सेंट्रल दिल्ली और डोमेस्टिक एयरपोर्ट तक दिल्ली मेट्रो की पहुंच बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। दिल्ली मेट्रो देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है और दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क्स में से एक है। यह अपने 23 वर्षों के संचालन के साथ शहरी परिवहन को बदलने का प्रतीक बन चुकी है।
वर्तमान में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा 395 किलोमीटर लंबाई की 12 मेट्रो लाइनें और 289 स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं। प्रतिदिन औसतन 65 लाख यात्री यात्राएं दर्ज की जाती हैं। नई कॉरिडोर से यातायात जाम में कमी, सड़क दबाव घटाने और वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। भारत, चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन चुका है।
