भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चैन) पर निगरानी बढ़ाने के फैसले से फूड कंपनियों, रेस्टोरेंट और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की अनुपालन (कॉम्प्लायंस) लागत में बढ़ोतरी हो सकती है। वित्तीय सेवा फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, नियामक अब केवल खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञापन दावों, लेबलिंग, उत्पादों की प्रामाणिकता, ऑनलाइन लिस्टिंग, भंडारण और खाद्य सुरक्षा से जुड़े तरीकों की भी गहन जांच कर रहा है।
नियामकीय निगरानी और कंपनियों पर असर:
- जेफरीज के मुताबिक, खाद्य क्षेत्र में नियामकीय जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे कंपनियों को ऑडिट, दस्तावेजीकरण और आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने पड़ रहे हैं।
- भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रमुख फूड, बेवरेज, डेयरी और न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियों को 150 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।
- इसके बाद कई कंपनियों ने अपने भ्रामक दावे वापस लिए हैं, लेबल में बदलाव किए हैं, प्लेटफॉर्म से उत्पाद हटाए हैं और संबंधित विज्ञापनों को बंद किया है।
पैकेज्ड फूड पर वॉर्निंग लेबल का प्रस्ताव:
- चीनी, नमक और फैट की अधिक मात्रा वाले पैकेज्ड फूड पर ‘फ्रंट-ऑफ-पैक’ वॉर्निंग लेबल लगाने का प्रस्ताव है।
- इसके तहत पैकेजिंग पर प्रमुखता से लाल रंग के हेक्सागोन आकार के लेबल लगाए जाने की संभावना है।
- इससे कंपनियों की पैकेजिंग री-डिजाइनिंग, मार्केटिंग रणनीति और उत्पादों की रेसिपी (सामग्री) में बदलाव से जुड़े फैसले प्रभावित होंगे।
क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की बढ़ेगी जवाबदेही:
- क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को अब केवल मध्यस्थ न मानकर खाद्य आपूर्ति श्रृंखला का जवाबदेह हिस्सेदार माना जा रहा है।
- प्रस्तावित नियमों के तहत इन प्लेटफॉर्म्स को अपने ऐप पर उत्पादों की एक्सपायरी डेट, निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) जानकारी और बैच नंबर अनिवार्य रूप से दिखाने पड़ सकते हैं।
- साथ ही, विक्रेताओं की पुष्टि, सही जानकारी और डार्क स्टोर में खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति पर भी निगरानी बढ़ सकती है।
रेस्टोरेंट और डेयरी सेक्टर पर कसता शिकंजा:
- रेस्टोरेंट, क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन, क्लाउड किचन और होटलों में साफ-सफाई, कैलोरी की जानकारी, मेन्यू लेबलिंग और लाइसेंस से जुड़े नियमों की जांच सख्त की जा रही है।
- रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख रेस्टोरेंट चेन सहित खाद्य सेवा से जुड़े प्रतिष्ठानों को 30 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
- इसके अलावा डेयरी उत्पाद, हेल्थ सप्लीमेंट, अल्कोहल वाले पेय और पान मसाला की पैकेजिंग भी स्कैनर के तहत है। एनालॉग पनीर को ‘पनीर’ नाम से बेचने पर प्रस्तावित प्रतिबंध का असर डेयरी सेक्टर पर भी पड़ेगा।
कंपनियों की तैयारियां और चुनौतियां:
- फूड कंपनियां और रेस्टोरेंट चेन अपनी अनुपालन टीमों, आंतरिक ऑडिट, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्वालिटी कंट्रोल प्रक्रियाओं को मजबूत करने में जुटी हैं।
- जेफरीज का मानना है कि मजबूत आंतरिक प्रक्रियाओं वाली कंपनियां इस नियामकीय सख्ती का बेहतर तरीके से सामना कर पाएंगी।
- हालांकि, इन नए नियमों के कारण कंपनियों और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) और सप्लाई चैन दक्षता पर असर पड़ने की पूरी आशंका है।
