एफआईएच हॉकी पुरुष और महिला विश्व कप 2026 में इस बार प्रतियोगिता का प्रारूप बदला हुआ नजर आएगा। टूर्नामेंट में पारंपरिक क्वार्टर फाइनल चरण को समाप्त कर दिया गया है। अब क्रॉसओवर पूल की शीर्ष दो-दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी।
बेल्जियम और नीदरलैंड्स संयुक्त रूप से 15 से 30 अगस्त तक विश्व कप की मेजबानी करेंगे। नए प्रारूप के कारण शुरुआत से ही टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा। शुरुआती पूल चरण के नतीजों का असर अगले चरण पर भी पड़ सकता है, जिससे टीमों के सामने गलती की गुंजाइश काफी कम रहेगी।
भारत पुरुष टीम का इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स से मुकाबला
पुरुष विश्व कप में भारत को पूल डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है। वहीं भारतीय महिला टीम भी पूल डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभियान की शुरुआत करेगी।
दोनों प्रतियोगिताओं में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें चार-चार टीमों के चार पूल में बांटा गया है। 15 से 20 अगस्त के बीच प्रत्येक टीम अपने पूल की बाकी तीन टीमों के खिलाफ एक-एक मुकाबला खेलेगी।
पूल चरण के बाद बनेगा नया चरण
पहले चरण में टीमों की अंतिम स्थिति के आधार पर अगले चरण के पूल तय होंगे। पूल ए और पूल डी की शीर्ष दो-दो टीमें मिलकर पूल ई बनाएंगी, जबकि पूल बी और पूल सी की शीर्ष दो-दो टीमें पूल एफ में शामिल होंगी।
इसके बाद पूल ई और पूल एफ की शीर्ष दो-दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। इस तरह टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले नहीं होंगे और अंतिम चार में पहुंचने के लिए टीमों को पूरे शुरुआती चरण में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
29 अगस्त को महिला और 30 अगस्त को पुरुष विश्व कप का फाइनल
महिला विश्व कप का समापन 29 अगस्त को नीदरलैंड्स में होगा। इसी दिन पहले कांस्य पदक का मुकाबला और उसके बाद फाइनल खेला जाएगा।
पुरुष विश्व कप का समापन 30 अगस्त को बेल्जियम में होगा। पुरुष वर्ग में भी पहले कांस्य पदक मुकाबला और उसके बाद फाइनल खेला जाएगा।
