पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच फंसे यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आज भारत और खाड़ी देशों के बीच कुल 58 उड़ानें संचालित की जाएंगी। यह जानकारी Ministry of Civil Aviation ने एक आधिकारिक बयान में दी है। मंत्रालय के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस ने मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और उनकी यात्रा योजनाएं न्यूनतम रूप से प्रभावित हों।
मंत्रालय के मुताबिक, आज संचालित होने वाली 58 उड़ानों में से 30 उड़ानें IndiGo द्वारा चलाई जाएंगी, जबकि 23 उड़ानें Air India और Air India Express के माध्यम से संचालित की जाएंगी। शेष उड़ानें अन्य निर्धारित व्यवस्थाओं के तहत संचालित होंगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में लगातार बदल रही हवाई क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। वहां के प्रतिबंधित हवाई मार्गों का अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। अब तक भारतीय एयरलाइंस की 1,221 उड़ानें और विदेशी एयरलाइंस की 388 उड़ानें इस संकट के कारण रद्द की जा चुकी हैं।
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस ने अपने उड़ान कार्यक्रम में संतुलित और चरणबद्ध बदलाव किए हैं। लंबी और अति-लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बचा जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
सरकार ने यह भी आश्वस्त किया है कि हवाई किराए में किसी प्रकार की अनावश्यक वृद्धि न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। मंत्रालय एयरलाइंस कंपनियों के संपर्क में है और किरायों की समीक्षा की जा रही है, ताकि संकट की स्थिति का अनुचित लाभ न उठाया जाए।
साथ ही सभी एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों के साथ पारदर्शी संवाद बनाए रखें। रिफंड, री-शेड्यूलिंग और अन्य यात्री सहायता संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच यह कदम हजारों भारतीय और अन्य यात्रियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, जो इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं या अपनी यात्रा को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
