भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस वर्ष 20 अक्टूबर से लागू होने जा रहा है। नई दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड को होने वाले 100% भारतीय निर्यात पर शून्य सीमा शुल्क (Duty-Free Access) की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के साझा इरादों को दर्शाती है और अगले 4 से 5 वर्षों में वस्तुओं एवं सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर लगभग 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।
व्यापार और उद्योगों के लिए नए अवसर
- भारतीय निर्यात को बढ़ावा: इस समझौते से भारत के कपड़ा व परिधान (Textiles & Apparel), चमड़ा और जूते-चप्पल, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों (Processed Food) के लिए नए बाजार और अवसर खुलेंगे।
- न्यूजीलैंड के लिए अवसर: न्यूजीलैंड को भारतीय बाजार में लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस (Sheep Meat) और कच्चा चमड़ा/खाल जैसे उत्पादों के लिए बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।
निवेश, सेवाएं और युवाओं के लिए नए रास्ते
- भारी निवेश का लक्ष्य: यह समझौता भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 20 अरब डॉलर) के निवेश को सुगम बनाने का खाका तैयार करता है।
- पेशेवरों और छात्रों की गतिशीलता: समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों, छात्रों और युवाओं के लिए वीजा व आवाजाही के नए और सुलभ रास्ते बनेंगे।
- विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग: यह सौदा कृषि उत्पादकता, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, पारंपरिक चिकित्सा व आयुष (AYUSH), प्रौद्योगिकी और व्यापार सुविधा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेगा।
भारत और न्यूजीलैंड के संबंध हमेशा से मजबूत लोक-संबंधों (People-to-People Ties) पर आधारित रहे हैं। व्यापार, निवेश, शिक्षा, खेल और तकनीक में बढ़ता यह सहयोग इस मुक्त व्यापार समझौते के जरिए दोनों देशों के व्यवसायों और नागरिकों के लिए नए द्वार खोलेगा।
