भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार से लागू हो गया है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करता है। इस समझौते से भारतीय एमएसएमई, किसानों और श्रम-प्रधान क्षेत्रों को न्यूजीलैंड के बाजार में व्यापक पहुंच मिलेगी।
इस समझौते के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच: भारतीय निर्यात को न्यूजीलैंड के बाजार में 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे एमएसएमई, किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
- संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण: डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह से संरक्षित रखा गया है और किसानों के कल्याण को इस समझौते के केंद्र में रखा गया है।
- कृषि और विनिर्माण को बढ़ावा: भारतीय किसानों को फलों, सब्जियों, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के लिए अधिक बाजार पहुंच मिलेगी। इसके अलावा, न्यूजीलैंड अब ‘मेड इन इंडिया’ जेसीबी मशीनों का उपयोग करेगा, जिसके तहत पुणे में निर्मित पहली जेसीबी मशीन के निर्यात को हरी झंडी दिखाई गई है।
- बृहद निवेश और सेवा क्षेत्र: इस समझौते से कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में 20 अरब डॉलर तक के निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, आईटी, पेशेवर सेवाओं, पर्यटन और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों की भारतीय कंपनियों को भी व्यापक लाभ मिलेगा।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के लिए एक सच्ची ‘विजय’ बताया है, जो आने वाले वर्षों में व्यापार को दोगुना करने में मदद करेगा।
