ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि मंत्रालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो भारतीय नागरिकों की सहायता और आपात स्थितियों में समन्वय के लिए कार्य करेगा। मंत्रालय के अनुसार, यह नियंत्रण कक्ष प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक (भारतीय समयानुसार) संचालित होगा।
भारतीय नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800118797 के अलावा लैंडलाइन नंबर +91-11-23012113, +91-11-23014104 और +91-11-23017905 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और मिशनों के लिए भी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बहरीन में +973 39418071, ईरान में +98 9128109115, +98 9128109102, +98 9128109109 और +98 9932179359 पर संपर्क किया जा सकता है। इराक के लिए +964 7716511185 और +964 7704444899, इजरायल के लिए +972 547520711 और +972 542428378, जॉर्डन के लिए +962 770422276 तथा कुवैत में +965 65501946 नंबर जारी किए गए हैं। लेबनान में +961 76860128, ओमान में +968 98282270 (व्हाट्सऐप) और 80071234 (टोल फ्री) पर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इसी प्रकार कतर के लिए +974 55647502, रामल्लाह (फिलिस्तीन) के लिए +970 592916418 (टोल फ्री), सऊदी अरब (रियाद) के लिए +966 114884697 और 8002471234 (टोल फ्री), सऊदी अरब (जेद्दा) के लिए +966 126648660 और +966 122614093, तथा संयुक्त अरब अमीरात के लिए +971 543090571 (व्हाट्सऐप) और 80046342 (टोल फ्री) नंबर जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई की है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी मारे जाने की खबरें हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए विभिन्न देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल बताए जा रहे हैं।
इस बढ़ते तनाव के बीच नरेंद्र मोदी ने भी मिडिल ईस्ट की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र के सभी देशों के साथ मिलकर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत का रुख हमेशा शांति और स्थिरता के पक्ष में रहा है और वैश्विक तनावों के बीच संवाद और सहयोग ही समाधान का मार्ग है।
मौजूदा हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
