प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महावीर जयंती के पावन अवसर पर गांधीनगर के कोबा में सम्राट संप्रति संग्रहालय का भव्य उद्घाटन किया। यह संग्रहालय जैन इतिहास, सम्राट संप्रति के जीवन, उनके शासन और अहिंसा के महान संदेश को समर्पित है। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोबा तीर्थ में संस्कारों का संरक्षण होता है, सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और ज्ञान का पोषण किया जाता है। उन्होंने इसे अध्ययन, साधना और अनुशासन की तीन धाराओं का संगम बताया और कहा कि यही भारतीय सभ्यता की आधारशिला है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस पवित्र संगम का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहे, यह हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा पांडुलिपियों की उपेक्षा किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार उस ऐतिहासिक गलती को सुधार रही है। विश्व की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इस संग्रहालय का शांति और अहिंसा का संदेश पूरी मानवता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसी दिन प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद के साणंद जीआईडीसी में केन्स सेमीकॉन प्लांट का भी उद्घाटन किया, जिसके साथ ही इस केंद्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत हो गई है। यहाँ उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स (IPMs) का निर्माण भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये मॉड्यूल्स ऑटोमोटिव और औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं, जिन्हें कॉम्पैक्ट और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स शामिल हैं, जिनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर को की जाएगी। जब इस प्लांट के सभी चरण पूरे हो जाएंगे, तो इसकी उत्पादन क्षमता 6.33 मिलियन यूनिट प्रतिदिन तक पहुँच जाएगी, जो भारत को वैश्विक चिप बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
