भारतीय फुटबॉल के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण सामने आया है। भारत की मिनरवा एकेडमी एफसी (Minerva Academy FC) की अंडर-12 टीम ने स्वीडन में खेले गए प्रतिष्ठित गोथिया कप 2026 (World Youth Cup) के बॉयज 12 कैटेगरी का खिताब जीतकर दुनिया भर में भारत का परचम लहरा दिया है।
गॉथेनबर्ग में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने ब्राजील की मजबूत टीम आरएस स्पोर्ट्स येलो (RS Sports Yellow) को 2-1 से शिकस्त दी।
फाइनल मैच का रोमांच: किपगेन और नोंगरेम बने जीत के हीरो
ब्राजील जैसी फुटबॉल महाशक्ति के खिलाफ फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा था:
- शुरुआती बढ़त: मैच के 10वें मिनट में मिनरवा एकेडमी के स्टार खिलाड़ी टी. किपगेन (T. Kipgen) ने एक शानदार गोल करके भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई।
- ब्राजील की वापसी: पहले हाफ के दौरान ही ब्राजील की टीम ने पलटवार करते हुए गोल दागा और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया।
- निर्णायक गोल: दूसरे हाफ में 49वें मिनट में मिनरवा के खिलाड़ी मेखमख्राव नोंगरेम (Mekhamkhraw Nongrem) ने एक बेहतरीन स्ट्राइक के जरिए दूसरा गोल दागकर भारत को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। अंतिम सीटी बजते ही भारतीय दल में जश्न की लहर दौड़ गई।
पूरे टूर्नामेंट में मिनरवा एकेडमी का रिकॉर्ड दबदबा
भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि हर मैच में एकतरफा दबदबा बनाए रखा:
| श्रेणी | आंकड़े |
| कुल मैच (Matches Played) | 8 मैच (सभी 8 में जीत) |
| दागे गए कुल गोल (Goals Scored) | 86 गोल |
| खिलाए गए गोल (Goals Conceded) | केवल 7 गोल |
| प्रमुख जीत | इंग्लैंड को 12-0, नॉर्वे को 13-1, स्वीडन को 16-0 |
यूरोप में लगातार दूसरा बड़ा खिताब (European Double)
यह जीत मिनरवा एकेडमी के लिए और भी खास है क्योंकि गोथिया कप से ठीक एक हफ्ते पहले ही टीम ने फिनलैंड में आयोजित हेलसिंकी कप (Helsinki Cup 2026) का खिताब भी अपने नाम किया था। दो हफ्तों के भीतर यूरोप के दो सबसे बड़े यूथ टूर्नामेंट जीतकर मिनरवा एकेडमी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय युवा फुटबॉल प्रतिभाएं दुनिया के शीर्ष क्लबों को टक्कर देने में सक्षम हैं।
