भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। RBI द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और पॉलिसी रुख को ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ करने के निर्णय से बाजार की धारणा प्रभावित हुई। इसके अलावा, अमेरिका में FOMC बैठक से पहले बढ़ती यूएस यील्ड, मजबूत होते डॉलर और FIIs की लगातार बिकवाली ने भारतीय रुपये और शेयर बाजार पर दबाव को और बढ़ा दिया।
कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 429.11 अंक (0.59%) टूटकर 72,638.70 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 173.05 अंक (0.76%) की कमजोरी दर्ज करते हुए 22,603.05 पर फिसल गया।
सेक्टोरल प्रदर्शन:
- दबाव वाले सेक्टर: बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली मेटल (-2.33%) और रियल्टी (-1.77%) शेयरों में देखने को मिली। इसके साथ ही निफ्टी ऑटो (-1.58%), कमोडिटीज (-1.43%), डिफेंस (-1.41%), आईटी (-1.34%) और PSE (-1.22%) में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
- बढ़त वाले सेक्टर: ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बेहतर मार्जिन की उम्मीद से बैंकिंग शेयरों ने बाजार को संभालने का प्रयास किया। निफ्टी PSU बैंक 1%, निफ्टी मीडिया 0.69% और निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.08% की बढ़त के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल: लार्जकैप के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट में मिलाजुला रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 378.60 अंक (0.63%) गिरकर 59,382.60 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 58.25 अंक (0.30%) की मामूली तेजी के साथ 19,506.95 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।
शेयरों की चाल: सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए। वहीं टाइटन, बीईएल, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एलएंडटी, टाटा स्टील, एमएंडएम, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, इंडिगो, एचयूएल, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा बिकवाली के दबाव में लाल निशान में बंद हुए।
