पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर इलाके स्थित चोरबागान (Chorbagan) दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम को अचानक भारी भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में कम से कम 17 से अधिक श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मृतकों में महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी। उसी दौरान अचानक मुसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए बाहर खड़े लोग तेजी से पंडाल के भीतर घुसने लगे। पंडाल के भीतर अत्यधिक भीड़ होने और आयोजकों द्वारा की गई एक घोषणा के कारण लोगों में अचानक अफरा-तफरी फैल गई। इसी आपाधापी में कई लोग नीचे गिर गए और भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे निकल गई।
राहत एवं बचाव कार्य
घटना के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मोर्चा संभाला। घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MCH) में भर्ती कराया गया, जहां कई लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने चोरबागान पंडाल को सील कर आम जनता के लिए बंद कर दिया है।
मुआवजे और जांच का ऐलान
- प्रधानमंत्री राहत कोष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।
- पुलिस कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए पूजा समिति के आयोजकों और वालंटियर्स सहित 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के अन्य प्रमुख नेताओं ने हादसे पर संवेदना व्यक्त की है। गृह मंत्री ने रविवार के अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करने की बात कही है।
