कटिहार जिले में 20 मार्च की देर शाम आए भीषण प्राकृतिक प्रकोप ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जिले के सभी 16 प्रखंडों में लगभग चार घंटे तक चली 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज आंधी और झोंकेदार बारिश ने रबी और गर्मा मक्का, गेहूं समेत सब्जी और फलों की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार के अनुसार, इस आपदा से करीब 15 हजार हेक्टेयर में लगी मक्का और एक हजार हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। इसके अलावा आम, लीची और केला जैसे फलों के बागानों को भी व्यापक क्षति पहुंची है। किसानों का दर्द इसलिए भी अधिक है क्योंकि फसलें कटाई के बिल्कुल करीब थीं और ऐन वक्त पर हुई इस तबाही ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर हजारों क्विंटल अनाज के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि जिले में मक्का और गेहूं का प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन काफी अच्छा माना जाता है। इस संकट की घड़ी में जिला कृषि विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे शुरू कर दिया है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य मुख्यालय को भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि पीड़ित किसानों को समय पर उचित मुआवजा और राहत मिल सके। इस बीच, प्रशासन ने किसानों की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए उन्हें सतर्क रहने और शेष फसलों के संरक्षण के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेने की अपील की है।
