मुंगेर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहायक प्रबंधक नवल किशोर कुमार को मुंगेर पुलिस ने एक सप्ताह बाद सकुशल बरामद कर लिया है। सदर एसडीपीओ अभिषेक कुमार आनंद ने कोतवाली थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि सहायक प्रबंधक घरेलू कलह के कारण स्वेच्छा से घर छोड़कर चले गए थे।
एसडीपीओ के अनुसार, नवल किशोर कुमार 20 जनवरी की शाम चार बजे बैंक से ड्यूटी समाप्त करने के बाद घर नहीं लौटे। अगले दिन 21 जनवरी को उनके परिजनों ने कोतवाली थाना में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
पुलिस जांच के दौरान लापता सहायक प्रबंधक की बुलेट मोटरसाइकिल खगड़िया जिले के रेलवे स्टेशन की पार्किंग से बरामद की गई। इसके बाद तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि नवल किशोर कुमार खगड़िया से भागलपुर गए, फिर सहरसा होते हुए सिलीगुड़ी पहुंचे और अंततः नेपाल के काठमांडू तक चले गए थे। पुलिस टीम ने लगातार लोकेशन के आधार पर विभिन्न स्थानों पर जांच की।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सहायक प्रबंधक ने अपने परिजनों और रिश्तेदारों को इंस्टाग्राम के माध्यम से कई बार संदेश भेजे थे। आज पुलिस को सूचना मिली कि वे मुंगेर न्यायालय परिसर के बाहर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें बरामद कर कोतवाली थाना लाया और पूछताछ की।
पूछताछ में नवल किशोर कुमार ने बताया कि पारिवारिक विवाद के कारण वे घर से चले गए थे। पैसे के लेन-देन या कर्ज से जुड़े सवाल पर एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है।
सहायक प्रबंधक की सकुशल बरामदगी के बाद परिजनों ने मुंगेर पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लगातार सक्रियता दिखाते हुए सात दिनों के भीतर नवल किशोर कुमार को खोज निकाला। परिजनों ने बिहार में कानून व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के डीजीपी का धन्यवाद किया और कहा कि प्रदेश में बेहतर पुलिसिंग का उदाहरण इस मामले में देखने को मिला है।
