प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 25 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। इस अवसर पर उन्होंने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूरदर्शी नीतियों, कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों के बल पर भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य अवश्य हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि एक समय भारत को नीतिगत जड़ता से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब दुनिया देश की बढ़ती ताकत, क्षमता और चुनौतियों से उबरने की क्षमता की चर्चा कर रही है।
आयात से निर्यात की दिशा में बढ़ा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले करीब 12 वर्षों में देश की स्थिति में व्यापक बदलाव आया है। पहले जहां आवश्यक वस्तुओं के आयात पर अधिक निर्भरता थी, वहीं आज भारत कई क्षेत्रों में नए निर्यात रिकॉर्ड बना रहा है।
उन्होंने मोबाइल फोन विनिर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय भारत अपनी जरूरत के मोबाइल फोन के लिए आयात पर निर्भर था, लेकिन अब ‘मेड इन इंडिया’ मोबाइल फोन वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2015 से 2025 के दशक में स्वतंत्रता के बाद कृषि क्षेत्र में लगातार सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और नीतियां सही दिशा में बनाई जाएं, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं।
चुनौतियों के स्थायी समाधान पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों के स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी यह मुद्दा अंतहीन प्रतीत होता था, लेकिन अब अनुच्छेद 370 की व्यवस्था समाप्त हो चुकी है।
नक्सलवाद का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी इसे देश के लिए बड़ी चुनौती माना जाता था, लेकिन अब इसके प्रभाव को निर्णायक रूप से कमजोर किया गया है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि अब देश आतंकवादियों के ठिकानों तक पहुंचकर जवाब देने की क्षमता रखता है।
2047 के लिए बड़े लक्ष्य तय करने का समय
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का समय है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों की उनकी सार्वजनिक यात्रा जनता के विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं के समर्पण से संभव हुई है।
उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। प्रधानमंत्री ने देश के 140 करोड़ नागरिकों के लिए मंदिर में प्रार्थना करने और उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा तथा सामर्थ्य देने की कामना करने की बात भी कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में मिले अनुभव और जनता का विश्वास देश की बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों, भारतीय जनता पार्टी, एनडीए और अपने राजनीतिक सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुई यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद किया कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने का अवसर आएगा।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा जनता के निरंतर आशीर्वाद, विश्वास और सहयोग से संभव हुई है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को अपनी सार्वजनिक सेवा यात्रा का आधार बताते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश को निरंतर सामूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने उन्हें बधाई दी।
