ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि का अनुमान अपने पिछले 6 प्रतिशत के अनुमान से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि यह संशोधन पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक झटकों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाता है।
एजेंसी को उम्मीद है कि भारत सभी G20 अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ता रहेगा। मूडीज ने बताया कि साल 2026 की पहली छमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत दर्ज की गई, जो कि 2025 में 7.3 प्रतिशत थी। इस मजबूत विकास को निजी खपत में बढ़ोतरी, मजबूत निवेश, बुनियादी ढांचे पर निरंतर सरकारी खर्च, निजी निवेश में सुधार और सेवा क्षेत्र में लगातार बनी मजबूती से समर्थन मिला है।
हालांकि, मूडीज ने आर्थिक परिदृश्य को लेकर कुछ जोखिमों की चेतावनी भी दी है। अल नीनो से जुड़ी रुकावटें खाद्य पदार्थों की कीमतों को बढ़ा सकती हैं, जिससे निजी खपत प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, ऊर्जा और उर्वरक के ऊंचे आयात खर्च, कमजोर बाहरी मांग और पश्चिम एशिया से कम धन प्रेषण (रेमिटेंस) के कारण चालू खाता घाटा बढ़ सकता है और आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी हो सकती है।
