राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन इस बात का प्रतीक है कि लड़कियां केवल समाज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण ही एक मजबूत और विकसित भारत की नींव है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में वीरांगनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, रानी वेलु नचियार, मूला गभरू और प्रीतिलता वाडेदार जैसे प्रेरणादायी उदाहरण हर भारतीय को गर्व और ऊर्जा से भर देते हैं। उन्होंने कहा कि इन महान महिलाओं ने देश के इतिहास में साहस और बलिदान की अमिट छाप छोड़ी है।
Greetings to everyone on 'National Girl Child Day.’#NationalGirlChildDay symbolizes that girls are not merely our responsibilities but sheer strength. The glorious examples of Rani Lakshmi Bai, Rani Velu Nachiyar, Mula Gabharu, and Pritilata Waddedar fill every Indian heart…
— Amit Shah (@AmitShah) January 24, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला-नेतृत्व वाले विकास के मंत्र ने नारी शक्ति को देश के विकास की धुरी बना दिया है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़कर राष्ट्र की प्रगति का नेतृत्व कर रही हैं और अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बेटियां वरदान हैं, देश का अभिमान हैं और राष्ट्र की पहचान भी हैं। उन्होंने माताओं, बहनों और देश की बेटियों के संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत में बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी, ताकि लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके और बालिकाओं के लिए समान अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
