नीदरलैंड की राजधानी में एक सरकारी इमारत में संस्कृत मंत्रों के सामूहिक उच्चारण का वीडियो इन दिनों चर्चा में है। वीडियो में बड़ी संख्या में महिलाएं ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे संस्कृत मंत्रों का उच्चारण करती दिखाई दे रही हैं। कार्यक्रम में मंत्रोच्चार और संस्कृत के माध्यम से मन को शांत और एकाग्र रखने के महत्व पर जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन गैब्रिएला बर्नेल ने किया। गैब्रिएला संस्कृत भाषा, भारतीय दर्शन और वैदिक परंपराओं में लंबे समय से रुचि रखती हैं। वह संस्कृत मंत्रों और आध्यात्मिक संगीत के माध्यम से लोगों तक भारतीय ज्ञान परंपरा को पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
गैब्रिएला के अनुसार संस्कृत मंत्रों का नियमित उच्चारण मन की वर्तमान स्थिति को बदलने में सहायक हो सकता है। उनका मानना है कि मंत्रोच्चार और गायन के माध्यम से व्यक्ति को मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मकता का अनुभव हो सकता है। वह संस्कृत मंत्रों को ध्यान और आत्मिक अभ्यास के रूप में भी प्रस्तुत करती हैं।
बताया जाता है कि गैब्रिएला ने किशोरावस्था से संस्कृत का अध्ययन शुरू किया था। भारतीय ग्रंथों और संस्कृत साहित्य के प्रति उनकी रुचि समय के साथ और गहरी होती गई। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में भी संस्कृत का अध्ययन किया। भारतीय संस्कृति, वेद, उपनिषद और भगवद्गीता के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है।
गैब्रिएला अपने डिजिटल मंच के माध्यम से संस्कृत मंत्रों और आध्यात्मिक संगीत को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाती हैं। उनके मंत्रोच्चार और संस्कृत गीतों को ध्यान एवं आध्यात्मिक अभ्यास के लिए सुना जाता है। वह सोशल मीडिया मंचों पर भी संस्कृत और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी सामग्री साझा करती हैं।
उनका कहना है कि संस्कृत के शब्दों और मंत्रों के उच्चारण में विशेष ध्वनि संरचना होती है, जो व्यक्ति को मानसिक रूप से शांत और केंद्रित करने में मदद कर सकती है। इसी विचार के साथ वह अलग-अलग देशों में लोगों को संस्कृत मंत्रों से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।
नीदरलैंड में महिलाओं के इस सामूहिक मंत्रोच्चार का वीडियो भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के वैश्विक प्रभाव को दर्शाने वाला उदाहरण बनकर सामने आया है। विदेशों में भारतीय दर्शन, योग, ध्यान और संस्कृत के प्रति बढ़ती रुचि के बीच इस तरह के आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देते हैं।
