परीक्षा पे चर्चा के राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा। इस पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शिक्षक का प्रयास होना चाहिए कि उनकी पढ़ाने की गति छात्र की सीखने की गति से केवल एक कदम आगे रहे। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसे होने चाहिए जो छात्रों की पहुंच में हों, लेकिन इतने आसान भी न हों कि चुनौती खत्म हो जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के दौरान छात्रों को प्रेरित करने के लिए शिक्षकों को उनकी क्षमता और सीखने की गति को समझना बेहद जरूरी है। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
इधर प्रदेश स्तर पर भी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और शासन से अनुदान प्राप्त स्कूलों में इस कार्यक्रम का प्रसारण किया गया।
प्रदेश के स्कूलों में कार्यक्रम देखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। टीवी प्रसारण के साथ-साथ इंटरनेट एक्सेस डिवाइस जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य डिजिटल माध्यमों पर भी कार्यक्रम दिखाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और प्रधानमंत्री के सुझावों को ध्यान से सुना।
गुना जिले में भी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का विशेष प्रसारण किया गया। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गुना में छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर कार्यक्रम देखा और परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों पर चर्चा की।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और तनाव मुक्त होकर पढ़ाई के लिए प्रेरित करना है।
