प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार ने सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना देशभर के किसानों के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है।
मध्य प्रदेश सहित देश के बड़ी संख्या में किसान पीएम-किसान योजना का लाभ उठा रहे हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यह राशि किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
2019 में शुरू हुई योजना
पीएम-किसान योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। अब तक योजना के तहत 23 किस्तों के माध्यम से किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 23वीं किस्त से 9 करोड़ 49 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं।
2030-31 तक जारी रहेगी योजना
केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
छिंदवाड़ा के किसान बसंत पटेल ने योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे किसानों को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
महिला किसानों को भी मिला लाभ
पीएम-किसान योजना के माध्यम से महिला किसानों को भी आर्थिक सहायता मिली है। अब तक महिला किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है।
योजना में डिजिटल सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाता है। इससे सहायता राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जाती है।
