प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरी चर्चा के केंद्र में वैश्विक कल्याण की आकांक्षा होगी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए इस दो दिवसीय सम्मेलन के महत्व को रेखांकित किया।
शनिवार से 18वें BRICS सम्मेलन का आगाज़ भारत की 2026 की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन शनिवार से नई दिल्ली में शुरू हो रहा है। इसमें BRICS के सदस्य और साझेदार देशों के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समूह के भीतर आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना और प्रमुख वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण बनाना है।
राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक शिखर सम्मेलन के औपचारिक आगाज से पहले, पीएम मोदी शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस दौरान:
- भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी।
- व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा होगी।
- राष्ट्रपति पुतिन BRICS बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को भी संबोधित करेंगे।
चौथी बार भारत के पास अध्यक्षता भारत 2026 में चौथी बार BRICS समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इस बार भारत की अध्यक्षता की आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।
ग्लोबल साउथ की आवाज बनेगा BRICS
- समावेशी विकास: भारत की अध्यक्षता में विकास, तकनीक, वित्त और सतत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
- ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व: बहुपक्षीय वैश्विक संस्थाओं में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं (ग्लोबल साउथ) की आकांक्षाओं व प्रभावी प्रतिनिधित्व को मजबूती से उठाने पर जोर रहेगा।
