गुरुवार को बजट सत्र की शुरुआत में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद का यह सत्र विकसित भारत 2047 के संकल्प को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर फोकस कर रही है और लंबित मुद्दों के स्थायी समाधान ला रही है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर प्रगति महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वासी व आत्मनिर्भर भारत की भावना दर्शाती है।
राष्ट्रपति अभिभाषण पर टिप्पणी
पीएम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण का जिक्र करते हुए कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास व आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है। सरल शब्दों में सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त कीं, जिन्हें सभी गंभीरता से लेंगे। 21वीं सदी का 25% हिस्सा बीत चुका, अब अगले 25 वर्ष विकसित भारत 2047 की दिशा तय करेंगे।
निर्मला सीतारमण का रिकॉर्ड
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री हैं। पीएम ने इसे संसदीय इतिहास का गौरवशाली क्षण बताया। भारत 21वीं सदी की इस तिमाही में आशा की किरण व वैश्विक आकर्षण केंद्र बन चुका है।
FTA व आर्थिक अवसर
भारत-यूरोपीय संघ FTA युवाओं व निर्माताओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत। बाजार खुलने से गुणवत्ता पर फोकस जरूरी। सरकार का मंत्र ‘सुधार, प्रदर्शन, बदलाव’ – रिफॉर्म एक्सप्रेस गति पकड़ रही है। सांसदों का रचनात्मक योगदान सराहा।
लंबे समय के समाधान
सरकार अटके मुद्दों से हटकर स्थायी समाधान अपना रही, जो अनुमान क्षमता व अंतरराष्ट्रीय विश्वास बढ़ाते हैं। हर फैसला विकासोन्मुखी व इंसान-केंद्रित। टेक्नोलॉजी अपनाएंगे लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से समझौता नहीं।
लोकतंत्र व डिलीवरी
लोकतंत्र में आलोचना स्वाभाविक, लेकिन अंतिम छोर तक डिलीवरी प्राथमिकता। फाइलें नहीं, लोगों की जिंदगी बदल रही। अगली पीढ़ी के सुधार जारी। भारत का लोकतंत्र व जनसंख्या वैश्विक उम्मीदें जगाती हैं। संसद में लोकतांत्रिक मूल्यों व फैसलों की विश्वसनीयता दिखाने का मौका।
