पीएम मोदी ने मंगलवार को बजट के बाद आयोजित ‘सस्टेनिंग एंड स्ट्रेंथनिंग इकोनॉमिक ग्रोथ’ विषयक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के बल पर विश्व में आशा की किरण के रूप में उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज और सतत आर्थिक विकास ही विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का सबसे मजबूत आधार है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि गत सप्ताह बजट वेबिनार सीरीज का पहला सत्र आयोजित किया गया था, जिसे व्यापक और सकारात्मक प्रतिसाद मिला। बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रतिभागियों ने रचनात्मक और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार और हितधारकों के बीच सार्थक संवाद का उदाहरण है।
उन्होंने जानकारी दी कि वेबिनार श्रृंखला के दूसरे सत्र में हजारों लोग विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव देने के लिए जुड़े हैं। बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी को उन्होंने एक सफल और प्रभावी प्रयोग बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के संवाद से नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सहायता मिलती है और आर्थिक सुधारों को नई गति मिलती है।
आर्थिक विकास को निरंतर मजबूती देने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान समय वैश्विक परिदृश्य में बड़े बदलाव का दौर है। दुनिया की आपूर्ति श्रृंखलाएं नए सिरे से आकार ले रही हैं और कई देश भरोसेमंद साझेदारों की तलाश में हैं। ऐसे में भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्थिर नीतियों, युवा शक्ति और मजबूत बाजार क्षमता के कारण वैश्विक उम्मीदों का केंद्र बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने देश को ‘मेक मोर, कनेक्ट मोर, एक्सपोर्ट मोर’ का मंत्र देते हुए कहा कि भारत को अधिक उत्पादन, बेहतर कनेक्टिविटी और निर्यात में वृद्धि पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि यह समय भारत के विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का है। दुनिया ऐसे भागीदारों की तलाश में है जो विश्वसनीय और लचीले हों, और भारत इस भूमिका को निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
उन्होंने आगे कहा कि विकास की इस यात्रा में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि देश का एक ही मंत्र होना चाहिए—गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता। उन्होंने बताया कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे निर्यात और व्यापार के नए अवसर खुले हैं। ऐसे में भारतीय उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि वैश्विक बाजार में भारत की साख और मजबूत हो सके।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से भारत तेज आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएगा।
