ऑकलैंड के स्पार्क एरिना में आयोजित 'किआ ओरा मोदी' कार्यक्रम के दौरान मंच पर हाथ मिलाकर प्रवासी भारतीयों का अभिवादन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सम। | फोटो आभार: पीएम मोदी एक्स (ट्विटर)
किआ ओरा मोदी ऑकलैंड इवेंट : ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) के प्रतिष्ठित स्पार्क एरिना में शनिवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके न्यूजीलैंड के समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सम की गरिमामयी उपस्थिति में ‘किआ ओरा मोदी’ (Kia Ora Modi) सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। भारत और न्यूजीलैंड के बीच कूटनीतिक संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ में बदलने की आधिकारिक घोषणा के बाद, यह भव्य आयोजन दोनों देशों के प्रगाढ़ हो रहे जन-से-जन संबंधों (People-to-People ties) को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था। 10,000 से अधिक प्रवासी भारतीयों की उत्साही भागीदारी के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों की आपसी मित्रता और आर्थिक संभावनाओं का सबसे मजबूत स्तंभ बताया।
इस भव्य आयोजन और दोनों वैश्विक नेताओं के संबोधनों ने द्विपक्षीय संबंधों के नए आयामों को रेखांकित किया है:
सांस्कृतिक और भू-राजनीतिक एकाग्रता: ‘वाका’ के जरिए नया संकल्प
प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड की मूल माओरी संस्कृति के गहरे प्रतीक ‘वाका’ (माओरी नौका) का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पारंपरिक डोंगी दोनों देशों की साझा विकास यात्रा का प्रतिनिधित्व करती है, जो अब अवसरों के अनंत समंदर में एक साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक राजनीतिक समर्थन
इस आयोजन में न केवल प्रधानमंत्री लक्सम, बल्कि न्यूजीलैंड सरकार के वरिष्ठ सहयोगियों और मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। यह उपस्थिति दर्शाती है कि भारत के साथ कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए न्यूजीलैंड में पूर्ण राजनीतिक सहमति है।
खेल कूटनीति का नया मील का पत्थर: 2026 में 100 वर्ष पूरे
प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्ष 2026 दोनों देशों के बीच खेल सहयोग का शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) है। इस मील के पत्थर का उपयोग आगामी वर्षों में क्रिकेट और अन्य खेलों के माध्यम से रणनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए किया जाएगा।
प्रवासी भारतीयों की सेवा भावना को वैश्विक मान्यता
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, न्यूजीलैंड में रहने वाला गतिशील भारतीय समाज वहाँ के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को समृद्ध कर रहा है। पीएम मोदी ने समुदाय की स्वयंसेवा, सामाजिक कार्यों और निःस्वार्थ सेवा भावना की विशेष सराहना की।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच कूटनीतिक संबंध केवल व्यापारिक संधियों तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि इनका मूल आधार समान लोकतांत्रिक मूल्य और एक-दूसरे की संस्कृतियों के प्रति सम्मान रहा है। पिछले चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली न्यूजीलैंड यात्रा है, जो इस कूटनीतिक जुड़ाव को एक नए ऐतिहासिक मोड़ पर ले आई है।
हर कोने में बसा भारतीय समुदाय: ऑकलैंड से क्वीन्सटाउन तक
ऐतिहासिक रूप से ऑकलैंड, वेलिंगटन, क्राइस्टचर्च और क्वीन्सटाउन जैसे प्रमुख शहरों में फैला भारतीय प्रवासी समुदाय न्यूजीलैंड की प्रगति का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। ‘किआ ओरा मोदी’ इवेंट से ठीक पहले कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए पारंपरिक लोक नृत्यों और लोक संगीत के सुरों ने यह साबित कर दिया कि भारतीय प्रवासियों ने अपनी जड़ों को सुरक्षित रखते हुए न्यूजीलैंड के आधुनिक समाज में खुद को पूरी तरह समाहित कर लिया है।
विश्वास और सहयोग का मजबूत पुल
प्रधानमंत्रियों द्वारा दिया गया यह साझा मंच इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की तार्किक परिणति है, जो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच विश्वास, व्यापार और रणनीतिक क्षमता के सेतु को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। यह आयोजन स्पष्ट करता है कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता को हासिल करने में भारतीय समुदाय की भूमिका भविष्य में भी सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
साझा यात्रा का संकल्प: “वाका केवल एक नाव नहीं है; यह हमारे साझा सफर की पहचान है. आज भारत और न्यूजीलैंड की यह ‘वाका’ खुली इच्छाशक्ति के नीले आसमान तले, लहरों के अनुकूल वेग के साथ एक नई यात्रा पर निकलने के लिए तैयार है, जहाँ सफ़लता सुनिश्चित है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत
