प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत एक वैश्विक खेल महाशक्ति (ग्लोबल स्पोर्टिंग पावरहाउस) बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। नई दिल्ली में एशियन गेम्स 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल के साथ बातचीत करते हुए, श्री मोदी ने एशियन गेम्स के विजेताओं की सराहना की और कहा कि उन्होंने देश के तिरंगे का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि एथलीटों की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि लगन, दृढ़ता और विश्वास के बल पर क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। 140 करोड़ देशवासियों को गौरवान्वित करने के लिए एथलीटों की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सबसे बड़ी उपलब्धि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और गौरव को ऊंचा उठाने में निहित है। उन्होंने इस सामूहिक राष्ट्रीय जीत के लिए खिलाड़ियों, उनके कोचों, सपोर्ट स्टाफ और उनके परिवारों को बधाई दी।
ऐतिहासिक उपलब्धियों का जिक्र: एशियन गेम्स में हासिल किए गए ऐतिहासिक पड़ावों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने पुरुषों और महिलाओं की हॉकी टीमों की दोहरी स्वर्ण पदक जीत का जश्न मनाया, जिसमें महिला टीम ने 44 साल का लंबा इंतजार खत्म किया। उन्होंने दोनों क्रिकेट टीमों द्वारा लगातार जीते गए मेडल और कबड्डी में मिले दोहरे स्वर्ण पदकों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने तीरंदाजी में 5 स्वर्ण पदक, निशानेबाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में शानदार प्रदर्शन, एथलेटिक्स में नए रिकॉर्ड, 28 साल बाद भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) में मिले मेडल और 1982 के बाद मैराथन में मिली पहली सफलता की भी जमकर सराहना की।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: इस अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी. टी. उषा भी मौजूद थीं।
एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारत ने कुल 85 मेडल जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। यह एशियन गेम्स में शीर्ष पांच देशों में भारत का लगातार दूसरा स्थान है, जो विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में देश की बढ़ती मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
