प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक और घरेलू स्तर के कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, जिनमें पश्चिम एशिया का तनाव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, जल संरक्षण, खेल उपलब्धियां और युवा सशक्तिकरण प्रमुख रहे।
पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया (West Asia) की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट उभर रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों का मुख्य केंद्र है, इसलिए यह समय चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि पिछले एक दशक में भारत ने जो वैश्विक संबंध और अपनी ताकत बनाई है, उसके दम पर देश इस कठिन परिस्थिति से सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा। उन्होंने इसकी तुलना कोविड महामारी के समय दिखाए गए धैर्य से की। उन्होंने खाड़ी देशों में रहने वाले एक करोड़ से अधिक भारतीयों की सहायता के लिए उन देशों का आभार भी व्यक्त किया।
राजनीति और अफवाहों से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने वालों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 140 करोड़ देशवासियों के हित का मामला है और इसमें स्वार्थ की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने नागरिकों से केवल सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और अफवाहों से सतर्क रहने का आग्रह किया।
‘ज्ञान भारतम’ और सांस्कृतिक धरोहर
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए पीएम मोदी ने ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ का जिक्र किया। इसका उद्देश्य देश भर में बिखरी हुई पांडुलिपियों (Manuscripts) का विवरण जुटाना है।
- अरुणाचल प्रदेश के चाओ नांतिसिंध लोकांग ने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं।
- अमृतसर के अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि की जानकारी दी।
- राजस्थान के अभय जैन पुस्तकालय ने तांबे की प्लेटों पर अंकित पांडुलिपियां साझा कीं।
- लद्दाख के हेमिस मठ ने मूल्यवान तिब्बती पांडुलिपियों का विवरण दिया। यह सर्वे जून के मध्य तक जारी रहेगा और लोग ‘ज्ञान भारतम ऐप’ के जरिए इसमें योगदान दे सकते हैं।
युवा शक्ति और ‘MY Bharat’
पीएम मोदी ने बताया कि ‘MY Bharat’ संगठन युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। हाल ही में आयोजित ‘बजट क्विज’ में 12 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के कोटला रघुवीर रेड्डी, उत्तर प्रदेश के सौरभ बैसवार और बिहार के सुमित कुमार जैसे युवाओं के निबंधों की प्रशंसा की, जिन्होंने किसान कल्याण और महिला नेतृत्व वाले विकास पर अपने विचार साझा किए।
खेलों में ऐतिहासिक जीत
प्रधानमंत्री ने टी20 विश्व कप में भारतीय टीम की जीत और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम द्वारा पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कप्तान पारस डोगरा और 60 विकेट लेने वाले गेंदबाज आकिब नबी की सराहना की। साथ ही, न्यूयॉर्क सिटी हाफ मैराथन में रिकॉर्ड बनाने वाले गुलवीर सिंह और स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह की सफलता का भी जिक्र किया।
जल संरक्षण: एक जन आंदोलन
गर्मियों की शुरुआत के साथ पीएम मोदी ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ‘जल संचय अभियान’ के तहत देश में 50 लाख जल संचयन संरचनाएं और ‘अमृत सरोवर अभियान’ के तहत 70 हजार सरोवर बनाए गए हैं।
- त्रिपुरा का वांगमुन गांव: यहां हर घर में वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) प्रणाली है।
- छत्तीसगढ़ का कोरिया जिला: 1200 से अधिक किसानों ने अपने खेतों में रीचार्ज पॉन्ड बनाए हैं।
- तेलंगाना का मुधिगुंटा गांव: 400 परिवारों ने सोख गड्ढे (Soak Pits) बनाकर भूजल स्तर सुधारा है।
सौर ऊर्जा और पीएम सूर्य घर योजना
प्रधानमंत्री ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को गेम-चेंजर बताया। उन्होंने गुजरात की पायल मुंजपारा का उदाहरण दिया जो अब एक सोलर तकनीशियन और उद्यमी बन चुकी हैं। मेरठ के अरुण कुमार और जयपुर के मुरलीधर जैसे किसानों ने भी सौर पंप अपनाकर अपनी आय बढ़ाई है। त्रिपुरा के रियांग जनजाति के गांवों में भी अब सोलर मिनी-ग्रिड से रोशनी पहुंच रही है।
स्वास्थ्य और फिटनेस
100 दिनों के भीतर आने वाले ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने लोगों से फिटनेस पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर युवराज दुआ की पोस्ट का जिक्र करते हुए लोगों को चीनी (Sugar) और खाना पकाने के तेल (Cooking Oil) के उपयोग में 10% की कटौती करने की सलाह दी ताकि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।
शिक्षा और समुदाय के प्रयास
- बेंगलुरु का प्रयोग संस्थान: यहाँ ‘अन्वेषण’ पहल के जरिए स्कूली छात्रों को शोध और नवाचार का मौका दिया जा रहा है।
- नागा समुदाय की ‘मोरुंग’ परंपरा: पीएम ने नागा जनजातियों द्वारा अपने बुजुर्गों के माध्यम से युवाओं को जीवन कौशल और लोक संस्कृति सिखाने की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली की सराहना की।
- नागालैंड का चिजामी गांव: यहाँ की महिलाएं 150 से अधिक पारंपरिक बीजों की किस्मों को संरक्षित कर रही हैं।
अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपने आस-पास की प्रेरक कहानियां साझा करने का आह्वान किया और निरंतर राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आग्रह किया।
