मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को काशीपुर स्थित सुप्रसिद्ध मां बाल सुंदरी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने चैती मेला कोष से मंदिर के भव्य सौंदर्यीकरण और परिसर के विस्तार की महत्वपूर्ण घोषणा की। मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चैती मेला केवल एक आयोजन नहीं बल्कि हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है जो स्थानीय व्यापार और स्वरोजगार को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर को एक आधुनिक औद्योगिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि क्षेत्र में 133 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क का विकास किया जा रहा है जहां 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन भी हो चुका है जिससे युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए 494 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है और क्षेत्र में पेयजल, सीवरेज व सड़क सुधार के कार्यों पर लगभग 1,950 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
विकास कार्यों की श्रृंखला में मुख्यमंत्री ने 1100 करोड़ रुपये की औद्योगिक हब परियोजना और 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना का भी जिक्र किया जो स्थानीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगी। उन्होंने कहा कि सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए भी कड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और ‘ऑपरेशन कालनेमि’ जैसे अभियान चलाकर सनातन धर्म की गरिमा सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है। उन्होंने काशीपुर में जाम की समस्या से मुक्ति के लिए बन रहे ओवरब्रिज और सड़कों के चौड़ीकरण के कार्यों का भी विवरण दिया। इस भव्य कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में श्रद्धालु व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
