प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी पर प्रसारित अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ से लेकर, जारी जनगणना, नशे के खिलाफ अभियान, पर्यावरण संरक्षण और आगामी त्योहारों तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से अपने विचार साझा किए।
1. आतंकवाद पर भारत की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति
प्रधानमंत्री ने कहा कि 28 सितंबर को भारत की थल सेना द्वारा पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारत ने दुनिया के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और 26/11 मुंबई हमलों को याद करते हुए पीएम ने कहा कि आज भारत आतंकवाद के खिलाफ सख्त ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति पर चल रहा है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 9/11 हमलों के 25 वर्ष पूरे होने पर अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हादसे में मारे गए निर्दोष नागरिकों (जिनमें अमेरिकी नागरिकों के बाद सबसे अधिक भारतीय थे) को श्रद्धांजलि दी।
2. डिजिटल जनगणना और जन-भागीदारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में जारी जनगणना का पहला चरण सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग पूरा हो चुका है, जिसके तहत 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि जनगणना में डिजिटल माध्यम से स्वयं विवरण दर्ज करने (Self-Enumeration) की सुविधा दी गई है, जो 16 भाषाओं में उपलब्ध है। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर 15 से 20 मिनट में अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। सत्यापन के बाद एक विशेष आईडी मिलती है, जिसे प्रगणक (enumerator) को देना होता है। अब तक 2 करोड़ 60 लाख से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
3. अशोक सिंघल की 100वीं जयंती और सोमनाथ-मोढेरा का इतिहास
विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी ने उन्हें नमन किया। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ अशोक सिंघल के योगदान को याद किया।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ और मोढेरा मंदिर को नष्ट किए जाने के 1,000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राजा भीमदेव प्रथम ने हमले का सामना करते हुए मोढेरा मंदिर का पुनर्निश्र्माण कराया था। आज मोढेरा केवल अपने सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि भारत का पहला ‘सूर्य ग्राम’ (Solar Village) बनने के लिए जाना जाता है जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित है।
4. पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की वापसी
पीएम मोदी ने पर्यावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण के कई उदाहरण दिए:
- असम (सोनाई रुपाई वन्यजीव अभयारण्य): तीन वर्ष पूर्व भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद यहां हाथियों के झुंड वापस लौट आए हैं।
- पिग्मी हॉग (Pygmy Hog): असम में केवल 6 पिग्मी हॉग से शुरू किए गए संरक्षण कार्यक्रम की बदौलत आज इनकी संख्या 190 से अधिक हो गई है।
- सुंदरबन (पश्चिम बंगाल): झारखली की महिलाओं ने बाघ के हमलों में अपने पतियों को खोने के बाद मैंग्रोव (Mangrove) के जंगल लगाने की पहल की, जो उनके जीवनयापन का जरिया और गांवों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच बन गए हैं।
5. नशा मुक्त युवा अभियान
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि यह अभियान 100 सप्ताह तक चलेगा। इसमें ‘माय भारत’ (MY Bharat) के स्वयंसेवक और एनएसएस (NSS) के युवा भाग ले रहे हैं। युवा सोशल मीडिया पर #NashaMuktYuva हैशटैग के माध्यम से जागरूकता फैला रहे हैं।
6. खेल प्रतिभाएं, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और पोषण माह
- खेल: 1980 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य और पूर्व कोच राजिंदर सिंह का उदाहरण देते हुए पीएम ने गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तराशने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- एक जिला एक उत्पाद (ODOP): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आंवला की खेती और उससे बनने वाले उत्पादों (कैंडी, अचार, पाचक) के जरिए महिला स्वयं सहायता समूहों को मिल रहे नए अवसरों की सराहना की गई।
- पोषण माह: सितंबर माह के दौरान कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में ‘हर घर मुनगा – घर घर मुनगा’ अभियान, गुजरात में मिलेट्स पर ‘वांगी स्पर्धा’, और मिजोरम में ‘पोषण वाटिका’ जैसी पहलों की प्रशंसा की गई।
7. थाईलैंड में भगवान गणेश की भक्ति
थाईलैंड के पंथौन थिरखानोन का उल्लेख करते हुए पीएम ने बताया कि उन्होंने उत्तरी थाईलैंड के चांग माई में ‘गणेश हिमाल संग्रहालय’ की स्थापना की है, जहां भगवान गणेश की 10,000 से अधिक मूर्तियां स्थापित हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत की आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही हैं।
अंत में, प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों के अवसर पर ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) के मंत्र को याद रखने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
