प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सप्त क्रांति’ के प्रणेता, महान समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री ने डॉ. लोहिया को एक उत्कृष्ट विचारक और सामाजिक न्याय की सबसे मुखर आवाजों में से एक बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से पीएम मोदी ने डॉ. लोहिया के बहुआयामी व्यक्तित्व को याद किया और बताया कि कैसे उन्होंने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध जनमानस को एकजुट करने के साथ-साथ आजादी के बाद भारत की प्रगति की नींव रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से लैंगिक समानता, सहभागी शासन और गरीबों व वंचितों के सशक्तिकरण के प्रति डॉ. लोहिया की अटूट प्रतिबद्धता को आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया।
प्रधानमंत्री के साथ-साथ देश के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी डॉ. लोहिया के योगदान को स्मरण किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें समानता और स्वभाषा के प्रति समर्पित एक ऐसा व्यक्तित्व बताया जो आजीवन शोषितों के हक के लिए लड़ता रहा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी डॉ. लोहिया को सामाजिक न्याय का प्रतीक मानते हुए राष्ट्र सेवा में उनके समर्पण की सराहना की। इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उनके जनभागीदारी के मूल्यों को याद किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा व उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों सहित कई राज्यों के शीर्ष नेताओं ने डॉ. लोहिया को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आधुनिक भारत के निर्माण का मार्गदर्शक बताया।
