पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत, कतर और ओमान के शीर्ष नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने इन देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हुए भारत की एकजुटता का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री ने कुवैत के क्राउन प्रिंस Sheikh Sabah Al-Khaled Al-Hamad Al-Mubarak Al-Sabah से बातचीत की और कुवैत की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारत कुवैत की जनता के साथ मजबूती से खड़ा है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए संवाद और कूटनीति के महत्व पर विशेष बल दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कुवैती नेतृत्व द्वारा वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना भी की।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani से भी बातचीत की। उन्होंने कतर की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हुए अपनी दृढ़ एकजुटता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है। पीएम मोदी ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति अमीर द्वारा दिए जा रहे सहयोग और देखभाल की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान Sultan Haitham bin Tarik से भी हालिया पश्चिम एशिया घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की और क्षेत्रीय हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए सतत कूटनीतिक संवाद आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान में बसे भारतीय समुदाय के प्रति निरंतर सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत का यह कूटनीतिक प्रयास क्षेत्रीय शांति के समर्थन और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
