प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 और 21 जून को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। साथ ही किसानों के लिए बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त भी जारी करेंगे।
अपने दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री हुगली में आयोजित पश्चिम बंगाल दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में सीधे 18,880 करोड़ रुपये की पीएम-किसान सम्मान निधि की राशि हस्तांतरित करेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एग्री स्टैक, प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी कई प्रमुख कृषि पहलों का शुभारंभ भी करेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और किसानों की आय बढ़ाना है।
रेलवे क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री हावड़ा में 300 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक संभागीय रेलवे अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। यह अस्पताल रेलवे कर्मचारियों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। साथ ही पूर्वी मेदिनीपुर जिले में हौर और राधामोहनपुर के बीच रेलवे ओवरब्रिज का शिलान्यास भी किया जाएगा, जिससे यातायात और सुरक्षा में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-III) के तहत तैयार की गई 49 सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री करेंगे। 315 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करेंगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बाजारों तक पहुंच आसान बनाएंगी।
21 जून को प्रधानमंत्री कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। प्रधानमंत्री हजारों लोगों के साथ सामूहिक योग सत्र में भाग लेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय नौसेना के लिए तैयार किए गए तीन स्वदेशी युद्धपोतों—आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस संशोधक और आईएनएस अग्रय—का भी शुभारंभ करेंगे। इन जहाजों को भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है और उनका निर्माण कोलकाता स्थित जीआरएसई शिपयार्ड में किया गया है।
75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित ये युद्धपोत आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता और देश की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता का प्रतीक हैं। इनके नौसेना में शामिल होने से समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी और परिचालन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री का यह दौरा विकसित पश्चिम बंगाल और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ कृषि, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और रक्षा क्षेत्रों में नई उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
