राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों द्वारा मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश पर्यावरण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा जारी किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इस निर्णय के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व के सभी पांचों जोन में यह नियम प्रभावी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह फैसला पिछले वर्ष 17 नवंबर को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद लिया गया है। इसके तहत देश के सभी संरक्षित वन क्षेत्रों में इस तरह के नियम लागू किए जा रहे हैं, ताकि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक वातावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस संबंध में टाइगर रिजर्व के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं। अब सफारी पर जाने वाले सभी पर्यटकों को अपने मोबाइल फोन रिसेप्शन काउंटर पर जमा कराने होंगे, जिसके बदले उन्हें रसीद दी जा रही है। सफारी समाप्त होने के बाद पर्यटक अपनी रसीद दिखाकर मोबाइल फोन वापस ले सकेंगे।
राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी दीपक रावत ने बताया कि सफारी के दौरान कई बार पर्यटक जंगली जानवरों को देखकर उनके नजदीक जाने की कोशिश करते हैं और फोटो खींचने के लिए फ्लैश का उपयोग करते हैं। इससे जंगल की प्राकृतिक शांति भंग होती है और जानवरों की गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि कई बार ऐसी स्थिति मनुष्य और वन्यजीव संघर्ष की आशंका को बढ़ा देती है। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन पर यह प्रतिबंध लागू किया गया है, ताकि जंगल का प्राकृतिक संतुलन और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
