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सरकार के लिए शिक्षा सर्वोपरि, सीएम डॉ. मोहन बोले- नए युग की शुरुआत है सांदीपनि विद्यालय

admin August 2, 2026

भोपाल के बैरसिया में सीएम डॉ. यादव ने किया स्कूल का लोकार्पण
ज्ञान, संस्कार और कौशल से आत्मनिर्भर बनेगी प्रदेश की नई पीढ़ी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल-बैरसिया मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की

2 अगस्त 2026। ‘बैरसिया में सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण केवल नए विद्यालय भवन का शुभारंभ नहीं, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के नए युग और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है। यह विद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा और उन्हें ज्ञान, संस्कार, आत्मविश्वास और कौशल से संपन्न बनाकर जीवन में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहीं। वे 2 अगस्त को बैरसिया में सांदीपनि विद्यालय के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को सर्वसुविधायुक्त विद्यालय की शुभकामनाएं दीं। करीब 35 एकड़ क्षेत्र में निर्मित शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की लागत 50 करोड़ 74 लाख है। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौध-रोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरसिया में रोड-शो किया। एक ओर नागरिकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया, तो दूसरी ओर उन्होंने नागरिकों का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता-पिता बच्चों को जीवन देते हैं, लेकिन विद्यालय और गुरु उनके व्यक्तित्व को सही आकार देकर जीवन को सार्थक बनाते हैं। जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, उसी प्रकार अच्छे विद्यालय और योग्य शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारकर उन्हें समाज और राष्ट्र की अमूल्य संपदा बनाते हैं। विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, अनुशासन, संस्कार और जीवन-दृष्टि के विकास का प्रमुख केंद्र होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की पहचान सदियों से ज्ञान, शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा से रही है। हमारी शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाना है। भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया है। इसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं।

जहां जाएं श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। पढ़-लिखकर अच्छा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पत्रकार और प्रशासनिक अधिकारी बनने के साथ आधुनिक किसान, सफल उद्यमी, कुशल व्यापारी तथा जिम्मेदार नागरिक भी बना जा सकता है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप क्षेत्र चुनकर उसमें उत्कृष्टता प्राप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। वे जिस भी क्षेत्र में जाएं, पूरी लगन, ईमानदारी और परिश्रम के साथ कार्य करते हुए श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी शिक्षा को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाकर देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।

विद्यालय में अर्जित ज्ञान जीवन की सबसे बड़ी पूंजी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यालय में अर्जित ज्ञान जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। भौतिक संपदा समाप्त हो सकती है, लेकिन ज्ञान, विवेक और बुद्धि की संपदा को कोई छीन नहीं सकता। शिक्षा से प्राप्त विवेक ही व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करने, सही निर्णय लेने और निरंतर प्रगति करने की शक्ति देता है। विद्यार्थी अपने विद्यालयीन समय का सदुपयोग करें तथा ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार भी ग्रहण करें। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का नाम भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा है। भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि के आश्रम में रहकर 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया। गुरु से प्राप्त ज्ञान और संस्कारों के बल पर उन्होंने जीवन की प्रत्येक चुनौती का सामना किया और संपूर्ण विश्व के लिए प्रेरणा बने। सांदीपनि विद्यालयों का उद्देश्य भी विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और गुरु-शिष्य परंपरा से जोड़ना है।

सच्ची मित्रता हमेशा साथ रहती है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि विद्यालय में बनने वाली सच्ची मित्रता जीवनभर साथ रहती है। विद्यार्थी अपने मित्रों का कठिन समय में सहयोग करें तथा संवेदनशीलता, उदारता और परस्पर सम्मान की भावना को जीवन में अपनाएं। शिक्षा हमें केवल सफल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा भी देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शिक्षित, संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिकों की आवश्यकता है। विद्यार्थी भविष्य में पंच, सरपंच, विधायक, सांसद अथवा अन्य जनसेवा के दायित्वों का निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। अच्छे नेतृत्व की नींव विद्यालय में प्राप्त शिक्षा, अनुशासन, संवेदनशीलता और सेवा-भाव से तैयार होती है।

भारत का मान बढ़ाने का समय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रसेवा, आत्मसम्मान, साहस और समर्पण की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय देश के लिए जीने, देश को आगे बढ़ाने और अपनी प्रतिभा से भारत का मान बढ़ाने का है। प्रत्येक विद्यार्थी अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज, प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के लिए करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय गरीब और अमीर के बीच शिक्षा के अवसरों की असमानता को समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रयास है। इन विद्यालयों के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल मैदान और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेहतर शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा विकसित करने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

प्रतिभा निखारने का प्रमुख केंद्र बनेगा बैरसिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय के विशाल और सर्वसुविधायुक्त परिसर को देखकर प्रसन्नता होती है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, पत्रकार, उद्यमी, किसान, जनप्रतिनिधि अथवा किसी भी क्षेत्र में जाएं, वे अपने परिश्रम और प्रतिभा से उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। यह विद्यालय आने वाले वर्षों में बैरसिया क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रमुख केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2047 में जब देश स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब आज विद्यालयों में अध्ययन कर रही पीढ़ी विकसित भारत के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगी। विद्यार्थियों के ज्ञान, परिश्रम, कौशल और संस्कारों के बल पर मध्यप्रदेश देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा तथा भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरसिया क्षेत्र के समग्र विकास के लिए भोपाल-बैरसिया मार्ग को फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि फोरलेन मार्ग के निर्माण से बैरसिया की राजधानी भोपाल से कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी। नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही क्षेत्र के आर्थिक, व्यावसायिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सांदीपनि विद्यालय के बैरसिया निवासी मेधावी विद्यार्थियों आकाश साहू, चंचल कुशवाहा, संयम जैन, भावना प्रजापति, रूपाली रजक और सीए अवंतिका साहू का ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मान भी किया।

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