पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति की चिंताओं के बीच उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। इसके साथ ही, आगामी चारधाम यात्रा 2026 को देखते हुए सरकार ने ईंधनों के भंडारण और सुचारु वितरण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
उच्च स्तरीय बैठक में आपूर्ति की समीक्षा
आपूर्ति व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने देहरादून में विभागीय अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में गैस, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों (Fertilizers) की कोई कमी नहीं है।
खाद्य आयुक्त ने कहा कि घरेलू गैस (LPG) की सप्लाई सुचारु रूप से चल रही है। हालांकि, पर्यटन सीजन और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और अधिक बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
चारधाम यात्रा के लिए विशेष तैयारी
आगामी चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- अतिरिक्त मांग का प्रस्ताव: यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त गैस और ईंधन की मांग का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
- यात्रा मार्गों पर विशेष व्यवस्था: केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के यात्रा मार्गों पर स्थित पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर बफर स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर: सप्लाई चेन की नियमित निगरानी के साथ-साथ पीएनजी (PNG) पाइपलाइन के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के निर्देश
बैठक में सुरक्षा और कालाबाजारी को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। खाद्य आयुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि सीमावर्ती क्षेत्रों (Border Areas) में निगरानी बढ़ाई जाए ताकि ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की अवैध तस्करी को रोका जा सके। अधिकारियों को सप्लाई चेन की हर स्तर पर मॉनिटरिंग करने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की कृत्रिम किल्लत पैदा न हो।
उत्तराखंड सरकार के इन कदमों से स्पष्ट है कि वैश्विक संकट के बावजूद राज्य अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सजग है। चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को ईंधन और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
