प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि विकसित भारत का निर्माण हर नागरिक के योगदान और सहभागिता से ही संभव है। पीएम मोदी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों के साथ वर्चुअल संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि वडनगर ने उन्हें वे संस्कार दिए जिन्होंने उनके जीवन को गढ़ा, वहीं काशी ने उन संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि युवा भी सेवा के विभिन्न रंगों से इस यात्रा को समृद्ध कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के शहरों और गांवों के बीच की दूरी काफी कम हुई है। आज गांवों के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और देश की महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है। उन्होंने पंडित उपाध्याय द्वारा दिए गए सेवा, संतुलन, संयम, समन्वय, सकारात्मकता, संवेदना और संवाद के सात सिद्धांतों को रेखांकित किया। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता सेवा भाव के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के दिखाए मार्ग पर चलने में गर्व महसूस करता है।
बातचीत के दौरान यात्रियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। पीएम मोदी ने यात्रियों को यात्रा के दौरान अपने अनुभवों को एक डायरी में दर्ज करने का भी सुझाव दिया।
